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करंट अफेयर्स अपडेट 16 अगस्त 2017

1.पहले संबोधन में महामहिम ने देशवासियों का किया आह्वान : धर्म के आधार पर न हो भेदभाव
• राष्ट्रपति रामनाथ कोवींद ने देशवासियों से ऐसे नए भारत के निर्माण में जुटने का आह्वान किया है जिसमें धर्म के आधार पर कोई भेदभाव न हो। साथ ही एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों का सम्मान हो। 

• राष्ट्रपति ने 71वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में समाज में अपनत्व और साझेदारी की भावना को पुनर्जागृत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि साझेदारी ही हमारे राष्ट्र निर्माण का आधार रही है। 

• उन्होंने सरकार और नागरिकों के बीच साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ हर तबके तक पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। को¨वद ने नए भारत के निर्माण में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा करके एक ही पीढ़ी के दौरान देश से गरीबी मिटाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। 

• भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए काम कर रही सरकार : उन्होंने भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इसके खात्मे की दिशा में काम कर रही है। हर नागरिक को रोजमर्रा की जिंदगी में अपने अंत:करण को साफ करते हुए इसके लिए काम करना चाहिए। 

• नोटबंदी से ईमानदारी बढ़ी : उन्होंने नोटबंदी की सराहना करते हुए कहा कि इससे ईमानदारी की प्रवृत्ति बढ़ी है। दुनिया में देश का सम्मान बढ़ा : भारत आज विश्व पटल पर अहम भूमिका निभा रहा है और पूरी दुनिया इसे सम्मान से देखती है। 

• जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं, आपसी टकराव, मानवीय संकटों और आतंकवाद जैसी कई अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने में भारत दुनिया में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
2. संविधान पीठ को जा सकता है कश्मीरियों के विशेष अधिकार का मुद्दा
• जम्मू-कश्मीर के विशेष अधिकार से जुड़े अनुच्छेद 35ए की संवैधानिकता का मुद्दा संविधान पीठ को सौंपा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की बेंच ने इस मामले को तीन जजों की पीठ के पास भेज दिया है। अब यह पीठ मामला संविधान पीठ को सौंपे जाने पर विचार करेगी। 

• अनुच्छेद 35ए जम्मू-कश्मीर को अधिकार देता है कि वह किसे अपना नागरिक माने और किसे नहीं। इसी अनुच्छेद के कारण राज्य से बाहर का कोई भी नागरिक वहां जमीन लेकर नहीं बस सकता है। मुद्दे की संवेदनशीलता के मद्देनजर केंद्र सरकार कुछ भी बोलने में सतर्कता बरत रही है। 

• 35ए को चुनौती देने वाली याचिका संविधान पीठ को सौंपे जाने का संकेत देकर सुप्रीम कोर्ट ने इसकी संवैधानिकता पर सुनवाई की जरूरत को मान लिया है। अब 29 अगस्त को तीन सदस्यीय बेंच इसे संविधान पीठ को सौंपने पर फैसला लेगी। 

• याचिकाकर्ता का कहना है कि 1954 में इस अनुच्छेद को राष्ट्रपति के आदेश से शामिल किया गया था। इस पर संसद की राय नहीं ली गई थी। बिना संसद की सहमति के संविधान में नए अनुच्छेद को जोड़ना असंवैधानिक है। इसीलिए इसको हटा दिया जाना चाहिए। 

• याचिका में जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा छह को भी चुनौती गई है। एक अन्य याचिका के जरिये यह भी आरोप लगाया गया है कि यह धारा राज्य की महिलाओं के संविधान प्रदत्त समानता के मौलिक अधिकार का हनन करती है। वहीं जम्मू-कश्मीर ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट 2002 में ही इस मुद्दे पर अपना फैसला दे चुका है। 

• पीडीपी के साथ जम्मू-कश्मीर की सरकार में शामिल भाजपा और केंद्र सरकार इस मुद्दे संभलकर कदम बढ़ा रही है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका का फिलहाल न तो विरोध किया है और न ही समर्थन। वह तटस्थ दिख रही है। दरअसल केंद्र में सत्ता पर काबिज भाजपा जनसंघ के समय से ही अनुच्छेद 370 को बड़ा मुद्दा बनाती रही है। 

• अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे में अधिकांश चीजें अनुच्छेद 35 ए के मार्फत ही आती हैं। ऐसे में इस अनुच्छेद के साथ खड़ा होना राजनीतिक रूप से उसके लिए आसान नहीं है। लेकिन सीधे इसका विरोध करने से राज्य की पीडीपी-भाजपा सरकार खतरे में पड़ सकती है। 

• सबसे बड़ी बात यह है कि इससे घाटी में भारत विरोधी लहर जोर पकड़ सकती है। आतंकियों पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के एक साल की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
3. नई मेट्रो रेल पॉलिसी को मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी
• राज्यों के शहरी इलाकों में स्थानीय परिवहन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार नई मेट्रो नीति ला रही है। राज्य सरकारों के अनुकूल और निजी भागीदारी को पहले से अधिक बढ़ावा देने वाले फंडिंग के व्यापक विकल्पों वाली इस नीति को बुधवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। केंद्र ने नई नीति को राज्यों में मेट्रो की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर ही तैयार किया है।

• सरकार का मानना है कि नई नीति से मेट्रो के विस्तार में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी। सूत्रों के मुताबिक इसमें मेट्रो रेल परियोजनाओं की फंडिंग के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डवलपमेंट (टीओडी) के साथ समन्वय बिठाने के अलावा अन्य नए और अनूठे फंडिंग मॉडलों पर जोर होगा। 

• टीओडी की अवधारणा में मेट्रो स्टेशनों के आसपास ही आवास, कार्यालय परिसरों की स्थापना करना शामिल है। सरकार मानती है कि राज्यों में शहरों का विकास इसी मॉडल पर किया जा सकता है। इसके लिए सरकार अलग से टीओडी के लिए भी राष्ट्रीय नीति लाने पर विचार कर रही है।

• सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट के विचार के लिए भेजी गई नीति के मसौदे में मेट्रो रेल परियोजनाओं को केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने के भी कई विकल्पों को शामिल किया गया है। पीपीपी के आधार पर पूरी की जाने वाली परियोजनाओं में यह सहायता इक्विटी, अनुदान और वायबिलिटी गैप फंडिंग के जरिये हो सकती है।

• सरकार का इरादा ज्यादा से ज्यादा मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए पीपीपी मॉडल को ही प्रोत्साहित करने का है। मसौदे में कहा गया है कि मेट्रो रेल परियोजनाएं लाने की इच्छुक राज्य सरकारों को आवश्यक रूप से इस मॉडल की संभावना तलाशनी चाहिए।

• सूत्र बताते हैं कि राज्यों में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए एक मॉडल यह भी हो सकता है कि कुल लागत का दस फीसद अनुदान के जरिये राज्य सरकारों को दिया जाए। इसके अतिरिक्त इक्विटी साझेदारी का विकल्प उन परियोजनाओं के लिए अलग से दिया जा सकता है।

• नई नीति के मुताबिक अब उन्हीं मेट्रो रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल सकेगी जिनमें फीडर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को व्यापक तौर पर शामिल किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक मेट्रो स्टेशन से पांच किलोमीटर तक की दूरी में यात्रियों को लाने और ले जाने के लिए फीडर सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। 

• इतना ही नहीं किसी भी राज्य को मेट्रो रेल परियोजना में केंद्रीय सहायता हासिल करने के लिए पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए पाथवेज, बिना मोटर वाले परिवहन व्यवस्था का ढांचा और फीडर परिवहन सेवा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। 

• राज्य सरकारों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मेट्रो लाइन के आसपास की जमीन के वित्तीय लाभ भी मेट्रो रेल परियोजना लगाने वाली एजेंसी को हस्तांतरित किए जाएं। 

• यह प्रावधान सभी मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए अनिवार्य होगा। इसके लिए राज्य सरकारों को न केवल टीओडी नीति बनानी होगी बल्कि उसके प्रावधानों को भी अमल में लाना होगा।
4. चीन का भारत के साथ गहराएगा व्यापार युद्ध
• चीन के सरकारी मीडिया ने सोमवार को कहा कि भारत व चीन के बीच व्यापार युद्ध की आशंका गहराती नजर आ रही है। मीडिया का कहना है कि डोकलाम में सैन्य गतिरोध के बीच भारत ने 93 चीनी उत्पादों पर डंपिंगरोधी शुल्क लगा दिया है।

• चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में एक आलेख में चीन की कंपनियों से भारत में निवेश करने के जोखिमों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही इसमें भारत को आगाह किया गया है कि वह अपने इन खराब फैसलों के संभावित परिणामों का सामना करने को तैयार रहे। 

• आलेख के अनुसार चीन भारतीय उत्पादों पर प्रतिबंध लगाते हुए आसानी से बदले की कार्रवाई कर सकता है।

• चीन स्थित भारतीय दूतावास के आंकड़ों के हवाले से अखबार की इस रपट में कहा गया है कि चीन को भारतीय निर्यात सालाना आधार पर 12.3 फीसद घटकर 11.75 अरब डालर रहा जबकि चीन से भारत का आयात दो फीसद बढ़कर 59 अरब डालर हो गया है। इस तरह से द्विपक्षीय व्यापार घाटा 47 अरब डालर भारत के प्रतिकूल है।

• आलेख में कहा गया है चीन व भारत के बीच व्यापार युद्ध की आशंका गहराती नजर आ रही है क्योंकि भारत ने पिछले बुधवार को चीन के 93 उत्पादों पर डंपिंगरोधी शुल्क लगा दिया। 

• इसमें कहा गया है, अगर भारत वास्तव में चीन के साथ व्यापार युद्ध शुरू करता है तो निसंदेह चीन के आर्थिक हितों पर असर होगा लेकिन भारत के लिए भी प्रतिकूल परिणाम होंगे।
5. भारत के विश्व शक्ति के रूप में उभरने का ब्रिटेन करेगा समर्थन
• भारतीय मूल की एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस समारोह में कहा है कि भारत के साथ ब्रिटेन खड़ा रहेगा और 21वीं सदी में एक प्रमुख विश्व शक्ति के तौर पर इसकी संभावनाओं को पूरा करने में समर्थन करेगा।

• ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेजा मे की कैबिनेट में अंतरराष्ट्रीय विकास मामलों की मंत्री प्रीति पटेल ने कहा कि भारत के साथ ब्रिटेन एक बेहतर भविष्य के लिए तैयार है क्योंकि यह यूरोपीय संघ से बाहर निकल गया है। उन्होंने कहा कि भारत अपना 70वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 

• भारत राजनीतिक र्चचा में देश भर के लोगों को शामिल कर दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बन गया है और 21 वीं सदी में एक नियंतण्र नेतृत्वकर्ता के रूप में भारत ने अपना स्थान बनाया है। 

• गुजरात मूल की कंजरवेटिव पार्टी के सांसद ने कहा कि ब्रिटेन भारत के साथ खड़ा रहेगा और विश्व की प्रमुख शक्ति बनने की इसकी संभावना में मदद करेगा।
6. सरताज अजीज बने पाक योजना आयोग के उपाध्यक्ष
• पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने पूर्व शीर्ष राजनयिक सरताज अजीज को योजना आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं सेवानिवृत्त जनरल नसीर जंजुआ को फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी दी है। 

• पनामा पेपर मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराये जाने के बाद अब्बासी ने एक अगस्त को पाकिस्तान के 18वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 

• प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार शरीफ के कार्यकाल में प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार के पद पर रह चुके अजीज को योजना आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है। 

• उन्हें संघीय मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। इससे पहले इस पद पर अहसान इकबाल थे, जो अब गृह मामलों से जुड़े कार्य देखेंगे।
7. न्यू इंडिया की ताकत होगी ‘सॉफ्ट पावर’
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘न्यू इंडिया’ के निर्माण का जो सपना संजोया है, उसकी असली ताकत ‘सॉफ्ट पावर’ होगी। यही वजह है कि सरकार देश की सॉफ्ट पावर को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर रणनीति बनाने में जुट गयी है। नीति आयोग इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री के साथ देश के जाने-माने युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स की एक परिचर्चा आयोजित करने जा रहा है जिसमें इस रणनीति के अहम बिन्दु तय किए जा सकते हैं।

• सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री 17 और 22 अगस्त को उद्योग जगत के जाने माने युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स के साथ रूबरू होंगे। दो दिन के इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उद्यमियों के साथ जिन छह विषयों पर चर्चा करेंगे उनमें सॉफ्ट पावर इन्क्रेडिबल इंडिया 2.0 विषय भी शामिल है। 

• दरअसल सॉफ्ट पावर में देश की सांस्कृतिक खूबियों जैसे कला, संस्कृति, संग्रहालय, यात्र और पर्यटन, खान-पान और हॉस्पिटैलिटी विषय आते हैं। उद्योग जगत के जाने माने प्रतिनिधि इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के संबंध में कार्ययोजना प्रधानमंत्री को सुझाएंगे।

• सूत्रों ने कहा कि यह पहली बार है कि न्यू इंडिया के लिए इतने बड़े स्तर पर सरकार निजी क्षेत्र के साथ विचार विमर्श करने जा रही है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने इस संबंध में युवा उद्यमियों को पत्र भेजा है।1 सॉफ्ट पॉवर के अलावा जिन अन्य विषयों पर चर्चा होगी, उनमें डिजिटल इंडिया: अंतिम व्यक्ति तक पहुंच, सतत विकास, पोषण और स्वास्थ्य और कौशल विकास भी शामिल हैं। 

• जहां तक स्वास्थ्य की बात है तो ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज की बेहतर सुविधा कैसे पहुंचाई जाए, इस बारे में उद्योग जगत के प्रतिनिधि सरकार के समक्ष कार्ययोजना पेश करेंगें। 

• इसके अलावा मेडिकल डायग्नोस्टिक्स पर भी फोकस रहेगा। सतत विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इलेक्टिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की रणनीति तय की जाएगी। कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव के साथ गरीबी उन्मूलन पर भी चर्चा की जाएगी।

Updated: August 16, 2017 — 1:30 pm
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