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दैनिक समसामयिकी 25 मई 2017

1.ओबोर के जवाब में अमेरिका भी बनाएगा कॉरीडोर, भारत अहम*
• चीन के वन बेल्ट-वन रोड (ओबीओआर या ओबोर) प्रोजेक्ट के जवाब में अमेरिका दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को जोड़ने वाली दो बड़ी परियोजनाओं पर विचार कर रहा है। इन परियोजनाओं में भारत की बड़ी भूमिका होगी। 

• ओबीओआर प्रोजेक्ट के तहत ही चीन-पाकिस्तान इकोनोमिक कॉरीडोर बना है। 1 ट्रंप प्रशासन अब उस पहल को पुनर्जीवित करने की कोशिश में है जिसकी घोषणा जुलाई 2011 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने चेन्नई में की थी। हिलेरी ने भाषण में इंडो-पैसीफिक इकोनोमिक कॉरीडोर बनाने की बात कही थी, जो दक्षिण एशिया को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों को जोड़ने का कार्य करेगा। 

• 2011 में की गई हिलेरी की घोषणा इसलिए भी आगे नहीं बढ़ पाई क्योंकि बराक ओबामा के दूसरे कार्यकाल में उन्हें विदेश मंत्री के रूप में काम करने का मौका नहीं मिल सका था। ओबामा ने उनके स्थान पर जॉन कैरी को विदेश मंत्री बना दिया था। 

•  अब चीन की सक्रियता को देखते हुए अमेरिका ने भी इन परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया है। जानकारी के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने दो परियोजनाओं के लिए बजट में प्रावधान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये परियोजनाएं निजी क्षेत्र के सहयोग से पूरी की जाएंगी, जिसमें भारत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। 

• अमेरिकी विदेश मंत्रलय के अनुसार बजट प्रावधान में एक परियोजना अफगानिस्तान को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है जो उसे पड़ोसी देशों से जोड़ेगी। जबकि दूसरी परियोजना भारत और प्रशांत क्षेत्र के देशों से जुड़ने वाला कॉरीडोर होगा। 

• ये परियोजनाएं जुड़ने वाले देशों और अन्य संस्थाओं के सहयोग से पूरी होंगी। यह परियोजना अफगानिस्तान के प्रति अमेरिकी जिम्मेदारी का हिस्सा होगी, जो उसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम होगा। आतंकवाद पर भी लगाम लगेगी। हालांकि, इसमें कितनी सफलता मिलेगी यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
*2. पाक की आर्थिक सहायता में कटौती : अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नजरें फेरीं, 25.5 करोड़ डॉलर से घटकर 10 करोड़ डॉलर हुई मदद*
• हाल ही में रियाद में हुई 55 मुस्लिम देशों की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवाज शरीफ की ओर से आंखें क्या फेरीं कि ट्रंप प्रशासन ने वित्त वर्ष 2018 के लिए पाकिस्तान को दिए जाने वाले विदेशी सैन्य वित्तपोषण (एफएमएफ) में कटौती कर उसे 25.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर से 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर कर दिया है। 

• अमेरिका ने यह विकल्प भी खुला रखा है कि इसे अनुदान माना जाए या इसे कर्ज में परिवर्तित कर दिया जाए। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने बैठक में भारत को आतंकवाद का शिकार बताया था।

• हालांकि विदेश विभाग के प्रवक्ता से जब पाकिस्तान को विदेशी सैन्य वित्तपोषण के तहत मिलने वाले 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर के बजट प्रस्ताव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, कुछ देशों के लिए हम जहां एफएमएफ को कर्ज के तौर पर देखते हैं, वहीं हम इसमें इतना लचीलापन रखते हैं कि जहां जरूरत हो इसका इस्तेमाल अनुदान सहायता के तौर पर किया जा सके।

• प्रवक्ता ने मंगलवार को द्विपक्षीय एफएमएफ सहायता पर केंद्रित इस बजट का अनुरोध इस्रइल (3.1 अरब डॉलर),मिस (1.3 अरब डॉलर), जॉर्डन (35 करोड़ डॉलर) और पाकिस्तान (10 करोड़ डॉलर) के लिए है।पिछले साल विदेश विभाग के बजट के तहत पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता 53.4 करोड़ डॉलर थी जिसमें से 22.5 करोड़ डॉलर एफएमएफ थे। 

• कुल मिलाकर 2016 के वित्तवर्ष के मुकाबले विदेश विभाग ने पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में 19.0 करोड़ अमेरिकी डॉलर की भारी कटौती का प्रस्ताव किया है। वित्त वर्ष 2017 इस साल 30 सितम्बर को खत्म हो रहा है।सोमवार को व्हाइट हाउस ने कहा, इस्रइल और मिस के लिए एफएमएफ अनुदान के रूप में जारी रहेगी जबकि पाकिस्तान के लिए यह कर्ज होगा लेकिन अंतिम फैसला विदेश विभाग द्वारा किया जाएगा।

•  व्हाइट हाउस में बजट प्रबंधन कार्यालय के निदेशक मिक मुल्वाने ने कहा, पाकिस्तान के लिए विदेशी सैन्य वित्तपोषण या एफएमएफ लोट गारंटी के तौर पर उपलब्ध कराया जाएगा। एक सवाल के जवाब में मुल्वाने ने कहा, ट्रंप प्रशासन ने कई देशों के लिये अपने एफएमएफ कार्यक्रम को सहायता से वित्तीय कर्ज में परिवर्तित करने का प्रस्ताव रखा है। उन देशों में से पाकिस्तान एक है।
*3. नेपाल : पीएम प्रचंड  ने इस्तीफा दिया*
• नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने अपनी पार्टी और नेपाली कांग्रेस के बीच सत्ता साझेदारी को लेकर बनी सहमति का सम्मान करते हुए बुधवार को इस्तीफा दे दिया। वह नौ महीने तक इस पद पर रहे। अब नेपाली कांग्रेस देश का नेतृत्व करेगी। 

• प्रचंड के इस्तीफे के बाद अब नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के प्रधानमंत्री बनने की संभावना है।प्रचंड (62) ने देश के नाम संबोधन के
दौरान अपने इस्तीफे का एलान किया। प्रधानमंत्री के तौर पर यह उनका दूसरा कार्यकाल था। 

• उन्होंने कहा, वह अपना इस्तीफा सौंपने के लिए राष्ट्रपति के कार्यालय जाएंगे। प्रचंड ने कहा, मैं आज प्रधानमंत्री पद से अपने इस्तीफे का ऐलान करता हूं। प्रचंड ने कहा, उन्होंने संतुलित विदेश नीति का अनुसरण किया और पड़ोसियों के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के साथ विास बहाली में सफल रहे। 

• पिछले साल तीन अगस्त को नेपाली कांग्रेस के साथ सहमति बनने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री का पदभार संभाला था। वह इकलौते कम्युनिस्ट नेता हैं जो नेपाल के दो बार प्रधानमंत्री बने। 

• साल 2008 से 2009 के दौरान प्रधानमंत्री के अपने कार्यकाल में प्रचंड का भारत के साथ अच्छा संबंध नहीं था। बहरहाल, दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रचंड ने अपने पहले विदेश दौरे के लिए चीन की बजाय भारत को चुना।
*4. मूडीज ने 28 साल में पहली बार घटाई चीन की रेटिंग, आर्थिक ताकत घटने का अंदेशा*
• मूडीज रेटिंग्स एजेंसी ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी चीन की रेटिंग घटा दी है। उसने ऐसा 28 साल यानी 1989 के बाद पहली बार किया है। 

• अमेरिकी रेटिंग एजेंसी ने इसे ‘एए3’ से एक पायदान नीचे ‘ए1’ कर दिया है। इसने आने वाले समय में कर्ज बढ़ने और ग्रोथ रेट में गिरावट से चीन की आर्थिक ताकत घटने का अंदेशा जताया है। डाउनग्रेड करने से चीन के लिए बाहर से कर्ज जुटाना महंगा हो सकता है। 

• चीन ने कहा है कि मूडीज उसकी आर्थिक परेशानियों को बढ़ा-चढ़ा कर और सुधारों को कमतर आंक रही है। मूडीज ने भारत को जंक से एक ग्रेड ऊपर ‘बीएए3’ के साथ ‘स्थिर’ आउटलुक की रेटिंग दे रखी है। हालांकि मूडीज ने आश्चर्यजनक रूप से आउटलुक ‘निगेटिव’ से बदलकर ‘स्थिर’ कर दिया है। 

• इसने यह डाउनग्रेडिंग ऐसे समय की है जब चीन जोखिम वाले कर्ज घटाने के कदम उठा रहा है। इस जोखिम को वैश्विक वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा भी माना जा रहा है। 

• मूडीज के साथ एसएंडपी ग्लोबल रेडिंग्स ने मार्च 2016 में आउटलुक निगेटिव किया था। तब जी20 मीटिंग में चीन ने रेटिंग एजेंसियों पर भेदभाव का आरोप लगाया था। दोनों एजेंसियों ने 2010 में चीन को अपग्रेड कर ‘एए’ रेटिंग दी थी। 

• चीन ने पिछले दिनों 2017 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6.5% किया था। इसकी ग्रोथ 2016 में 6.7% और 2015 में 6.9% रही थी। 2016 की ग्रोथ रेट 1990 के बाद सबसे कम है। 2016 में चीन का बजट घाटा जीडीपी का 3% था।

• मूडीज का कहना है कि चीन सरकार ग्रोथ रेट ऊंची रखने को महत्व दे रही है। इसके लिए स्टिमुलस पैकेज जरूरी होगा। ऐसे पैकेज से इकोनॉमी में कर्ज का बोझ बढ़ेगा। विकास दर को प्राथमिकता देने से आर्थिक सुधार पीछे जा सकते हैं। मूडीज ने चीन के वित्तीय सेक्टर को अल्पविकसित बताया है।

• मूडीज का आकलन है कि सरकारी कर्ज 2018 में जीडीपी का 40% और 2020 तक 45% हो जाएगा। स्थानीय सरकार/निकाय भी बांड जारी कर पैसे जुटा रहे हैं। इसमें व्यक्तिगत और कॉरपोरेट लोन को जोड़ें तो कुल कर्ज काफी ज्यादा हो जाएगा। चीन का कुल कर्ज अभी इसकी जीडीपी के 260% के आसपास है। यानी जीडीपी जितना है, कर्ज उसका 2.6 गुना है।

• चीन वस्तुओं और सेवाओं का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। क्रूड ऑयल और दूसरी कमोडिटी का यह बड़ी मात्रा में आयात करता है। इसी की वजह से इनके दाम में बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन चीन के साथ दूसरे देशों में ग्रोथ रेट और मांग घटने के कारण हाल के महीनों में क्रूड और मेटल्स के दाम में गिरावट आई है। मांग कम होने से आगे भी इनके दाम नीचे सकते हैं।
*5. खत्म हुआ 25 साल पुराना एफआईपीबी, मंत्रालय करेंगे एफडीआई पर विचार*
• 25साल पुराने विदेशी निवेश रेगुलेटर एफआईपीबी को खत्म करने के कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने यह फैसला किया। 

• एफआईपीबी का काम विदेशी निवेश प्रस्तावों पर विचार करना था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि अब संबंधित मंत्रालय ही एफडीआई प्रस्तावों पर गौर करेंगे। संवेदनशील सेक्टर के लिए गृह मंत्रालय की मंजूरी भी जरूरी होगी। 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रस्तावों पर अभी की तरह आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) विचार करेगी। 

• अभी एफआईपीबी के पास जो प्रस्ताव लंबित हैं, वे वापस संबंधित मंत्रालयों को भेज दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि देश में रक्षा उपकरण बनाने के रक्षा मंत्रालय के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने विचार किया। 

• 1991 में आर्थिक उदारीकरण शुरू होने के करीब एक साल बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अधीन एफआईपीबी शुरू हुआ था। बाद में इसे वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अधीन कर दिया गया। जेटली ने 2017-18 के बजट में इसे खत्म करने का जिक्र किया था। 

• दरअसल सरकार ने ज्यादातर सेक्टरों को एफडीआई के लिए पूरी तरह खोल दिया है। इनमें स्ट्रैटजिक सेक्टर भी शामिल है
ं। अब रक्षा और रिटेल ट्रेडिंग समेत सिर्फ 11 सेक्टर में एफडीआई के प्रस्ताव सरकारी मंजूरी के लिए आते हैं। 

• बाकी सेक्टर में एफडीआई ऑटोमेटिक रूट से आते हैं। जेटली ने बताया कि ऑटोमेटिक रूट से 95% तक प्रस्ताव आते हैं। इसलिए एफआईपीबी का ज्यादा महत्व नहीं रह गया है।
*6. बीएसएनएल ने शुरू की सेटेलाइट फोन सेवा*
• सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने इन्मारसेट के जरिए सेटेलाइट फोन सेवा पेश की है। शुरुआत में यह सेवा सरकारी एजेंसियों को दी जाएगी और बाद में चरणबद्ध तरीके से इसे नागरिकों को भी उपलब्ध कराया जाएगा।

• यह सेवा उन इलाकों को भी जोड़ सकती है जहां कोई नेटवर्क नहीं है। इन्मारसैट अंतराष्ट्रीय नौवहन उपग्रहण दूरसंचार संगठन है जो उपग्रहमंड का परिचालान करता है। इस मंडल में 14 उपग्रह काम करते हैं। इस सेवा को शुरू किए जाने के मौके पर दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा, ‘‘पहले चरण में आपदा प्रबंध, राज्य पुलिस, सीमा सुरक्षा बल कामकाज देखने वाले विभागों और अन्य सरकारी एजेंसियों को यह फोन दिया जाएगा। 

• बाद में विमान यात्रा करने वाले और जहाजों से सफर करने वालों को यह सेवा उपलब्ध होगी।’ अभी उपग्रह दूरसंचार सेवाएं टाटा कम्युनिकेशंस लि. संभालती है जिसने सरकारी क्षेत्र की विदेश संचार निगम लि. (वीएसएनएल) के अधिग्रहण के साथ इसका लाइसेंस प्राप्त किया था।

• बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हम वायस और एसएमएस के साथ आज से सेटेलाइफ फोन सेवा शुरू कर रहे हैं।’देश में फिलहाल सेटेलाइट फोन सेवा टाटा कम्युनिकेशंस उपलब्ध कराती है। 

• श्रीवास्तव ने बताया कि टाटा कम्युनिकेशंस की सेवा 30 जून, 2017 को समाप्त हो जाएगी। फिलहाल देश में 1532 अधिकृत सेटेलाइट फोन कनेक्शन हैं जो देश में परिचालन कर सकते हैं। इनमें से ज्यादातर का इस्तेमाल सुरक्षा बलों द्वारा किया जा रहा है।
*7. दीनदयाल संचार कौशल विकास केंद्र शुरू होंगे*
• दूरसंचार क्षेत्र के लिए कुशल श्रम बल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दूरसंचार विभाग ने पंडित दीनदयाल संचार कौशल विकास प्रतिष्ठान शुरू करने की घोषणा की है। इसमें इस विभाग से संबद्ध सभी सार्वजनिक उपक्रमों की भागीदारी होगी।

• संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि दूरसंचार के क्षेत्र की स्टार्टअप कंपनियों या व्यक्तियों को सरकार की ओर से दीनदयाल कौशल उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। एक स्वतंत्र चयन मंडल गठित किया जाएगा जो इस पुरस्कार के विजेताओं का चयन करेगा। उसी के आधार पर यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। 

• मंत्री ने कहा कि जिस गति से दूरसंचार सेवाओं का विस्तार हो रहा है और अगले वर्ष दिसम्बर तक देश की सभी ग्राम पंचायतों के ब्राडबैंड से जुड़ने के बाद 60 करोड़ ग्रामीणों तक जब दूरसंचार सेवाएं सरलता से पहुंचेगी तब इन सेवाओं से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर कुशल कामगारों की जरूरत होगी।

Updated: May 26, 2017 — 8:26 pm
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