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​दैनिक समसामयिकी 5 October 2017

दैनिक समसामयिकी 5 October 2017
1.केमिस्ट्री का नोबेल तीन वैज्ञानिकों को : अणुओं के अध्ययन की बेहतरीन पद्धति ‘‘क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कॉपी’ विकसित करने पर तीनों वैज्ञानिकों को मिला यह सम्मान
• जीका विषाणु और अल्जाइमर एंजाइम पर प्रकाश डालने वाली क्रांतिकारी तकनीक क्रायो-इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोस्कोपी विकसित करने को लेकर तीन वैज्ञानिकों जाक दुबोशे, जोएखिम फ्रैंक और र्रिचड हेंडरसन को रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। 

• इस खोज को लेकर इन तीन वैज्ञानिकों को इस पुरस्कार के लिए चुने जाने की दुनियाभर के वैज्ञानिक समुदाय ने सराहना की है।नोबेल केमिस्ट्री कमेटी ने कहा, कोशिकाओं के सूक्ष्मतम ढांचे की जांच इस पद्धति के तहत इलेक्ट्रॉन बीम से की गई।

•  शोधकर्ता अब बीच में ही बायोमोलेक्युल को जमा (ठंडा कर) सकते हैं और प्रक्रि या को दृश्य रूप दे सकते हैं जैसा करना पहले कभी नहीं देखा गया। यह चीज जीवन को समझने और दवाइयों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यह पद्धति बायो-मोलेक्युल को प्राकृतिक अवस्था में जमी हुई अवस्था (ठंड से) में रखने में मदद करेगा।

•  कोशिका के ढांचों, विषाणुओं और प्रोटीन के सूक्ष्मतम ब्योरे का अध्ययन करने में इसका इस्तेमाल किया गया। कमेटी ने कहा, जब कमेटी ने कहा कि शोधकर्ताओं को जब संदेह हुआ कि जीका विषाणु ब्राजील में नवजात शिशुओं के मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा कर महामारी फैला रहा है तब उन्होंने विषाणु को चित्रात्मक रूप देने के लिए क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी का रुख किया। 

• इन वैज्ञानिकों की टीम की नयी पद्धति से शोधकर्ता अब नियमित रूप से बायो-मोलेक्युल का त्रिआयामी (3डी) ढांचा बना सकते हैं। बायो-मोलेक्युल जीवों के संभरण और उपापचय प्रक्रि या में शामिल होता है।
2. भारत और जिबूती ने द्विपक्षीय वार्ता पर करार किया
• भारत और जिबूती ने नियमित विदेश कार्यालय स्तर की बातचीत के लिए बुधवार को यहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की यात्रा के दौरान एक समझौते पर दस्तखत किए। कोविंद और जिबूती के राष्ट्रपति उमर ग्वेलेह की बातचीत के बाद समझौते पर दस्तखत किए गए। 

• कोविंद ने 2015 में संघर्ष प्रभावित यमन से भारतीयों को बचाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन राहत के दौरान जिबूती की मदद के लिए ग्वेलेह का शुक्रि या किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की जिबूती की सदस्यता के जल्द अनुमोदन की भी अपील की। 

• प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद ने 2015 में पेरिस में हुए सीओपी21 सम्मेलन में आईएसए की शुरुआत की थी।
3. रेलवे विस्तार को स्विटजरलैंड के साथ करार को मंजूरी
• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के नेटवर्क विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए स्विट्जरलैंड के साथ किए गए तकनीकी सहयोग के समझौते का बुधवार को अनुमोदन कर दिया।स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लेथार्ड की भारत यात्रा के दौरान उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ 31 अगस्त को हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय शिखर बैठक के बाद इस करार पर हस्ताक्षर किए गए थे।

• यह करार रेल मंत्रालय और स्विस परिसंघ के पर्यावरण, परिवहन और संचार के संघीय विभाग के मध्य रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए हुआ था जिस पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी और भारत में स्विटजरलैंड के राजदूत डॉ. एंड्रियास बॉम ने हस्ताक्षर किए।
4. आरबीआई ने विकास  दर का अनुमान घटाया
• रिजर्व बैंक ने जीएसटी से जुड़े मुद्दों और खरीफ उत्पादन अनुमान कम रहने के कारण वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.7 फीसद कर दिया है। पहले इसके 7.3 फीसद रहने का अनुमान जताया गया था।

• रिजर्व बैंक ने अपनी चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में वृद्धि की रफ्तार कमजोर पड़ना और खरीफ फसल उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान कम आना आर्थिक परिदृश्य में गिरावट के शुरुआती संकेत देते हैं। 

• उसने कहा कि जीएसटी के क्रियान्वयन का प्रतिकूल प्रभाव भी अब तक बना हुआ है ऐसा जान पड़ता है। इससे अल्पकाल में विनिर्माण क्षेत्र के लिए संभावना अनिश्चित जान पड़ती है। रिजर्व बैंक के अनुसार, इससे निवेश गतिविधियों में और देरी हो सकती है जो बैंकों और कंपनियों के बही-खातों पर दबाव के कारण पहले से प्रभावित है। 

• केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि उसने दूसरी तिमाही में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों का सर्वे किया जिससे ग्राहकों का भरोसा और कुल मिलाकर व्यापार आकलन कमजोर होने का पता चला। मौद्रिक नीति समिति द्वारा की गई समीक्षा के ब्योरे के अनुसार सकारात्मक पहलू यह है कि कंपनियां तीसरी तिमाही में व्यापार माहौल सुधरने की उम्मीद कर रही हैं।
5. अक्षय ऊर्जा क्षमता 2022 तक दोगुनी होगी
• भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता 2022 तक बढ़कर दोगुनी हो जाएगी। पहली बार ऐसा होगा जब अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र
में विस्तार के मामले में भारत यूरोपीय संघ से आगे निकल जाएगा। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने एक रिपोर्ट में यह बात कही।

• सरकार के ताजा आंकड़े के अनुसार देश की अक्षय ऊर्जा की स्थापित क्षमता 58,300 मेगावाट है। सरकार ने 2022 तक इसे बढ़ाकर 1,75,000 मेगावाट रखने का लक्ष्य रखा है। इसमें 1,00,000 मेगावाट क्षमता सौर ऊर्जा की होगी। 

• आईईए ने अपनी हालिया रिपोर्ट  में कहा, 2022 तक भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता दोगुने से अधिक हो जाएगी। यह अक्षय ऊर्जा विस्तार में यूरोपीय संघ को पहली बार पछाड़ने के लिए पर्याप्त होगा। 

• एजेंसी ने कहा कि सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा देश की क्षमता वृद्धि में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। नीलामी में इन दोनों प्रौद्योगिकियों के लिए सबसे कम कीमतें उभरकर सामने आई हैं।

•  भारतीय सौर ऊर्जा निगम द्वारा कराई गई नीलामी में सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा की कीमतें क्र मश: 2.44 रपए प्रति इकाई तथा 3.46 रपए प्रति इकाई के रिकार्ड निचले स्तर पर आ गई। 

• उसने कहा कि 2022 तक चीन, भारत और अमेरिका की वैश्विक  अक्षय ऊर्जा में दो तिहाई हिस्सेदारी रहेगी। महज सौर ऊर्जा का उत्पादन तब भारत और जापान के अभी के कुल ऊर्जा उत्पादन से अधिक होगा। एजेंसी ने कहा कि चीन अभी भी अक्षय ऊर्जा विस्तार के मामले में अग्रणी बना हुआ है।
6. बांग्लादेश को 4.5 अरब डालर का ऋण देगा भारत
• बांग्लादेश ने बुधवार को भारत के साथ 4.5 अरब डालर के तीसरे ऋण सुविधा (एलओसी) करार पर दस्तखत किए। बांग्लादेश इस कर्ज का इस्तेमाल अपने बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्र के विकास पर करेगा।

•  इस करार पर वित्त मंत्री अरुण जेटली और उनके बांग्लादेशी समकक्ष एएमए मुहित की मौजूदगी में दस्तखत किए गए। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

•  बांग्लादेश की ओर से इस करार पर आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव काजी शोफिकुल आजम तथा भारत की ओर से एक्जिम बैंक के प्रबंध निदेशक डेविड रासक्विहा ने दस्तखत किए। 

• भारत की ओर से इस भारी भरकम 4.5 अरब डालर की ऋण सुविधा का इस्तेमाल बांग्लादेश में 17 बड़ी परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा। 

• इनमें बिजली, रेल सड़क, जहाजरानी, बंदरगाह क्षेत्र की परियोजनाएं शामिल हैं। गत एलओसी करारों की तरह बांग्लादेश को इस पर एक फीसद सालाना का ब्याज देना होगा।
7. कैटेलोनिया संकट :पुलिस प्रमुख पर राजद्रोह के आरोप
• स्पेन की राष्ट्रीय अदालत के एक न्यायाधीश ने पिछले महीने कैटेलोनिया के विवादित स्वतंत्रता अभियान के कारण फैली अशांति को रोकने में असमर्थता के सिलसिले में क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख को कथित राजद्रोह के मामले में न्यायिक जांच के दायरे में रखा है।

• नाम गुप्त रखने की शर्त पर अदालत के प्रवक्ता ने बताया कि मैडिड की राष्ट्रीय अदालत ने जोसेप लुई त्रापेरो और तीन अन्य संदिग्धों को राजद्रोह के एक मामले में शुक्र वार की सुनवाई के लिए सम्मन भेजा है। यह आरोप बार्सिलोना में 20 और 21 सितम्बर को स्वतंत्रता अभियान के खिलाफ कार्वाई करने के दौरान राष्ट्रीय सरक्षाबलों द्वारा क्षेत्रीय सरकारी कार्यालयों पर छापा मारने के संदर्भ में लगाए गए हैं कि पुलिस कार्रवाई उग्र प्रदर्शन के कारण की गई थी और कैटेलोनिया की पुलिस पर इसमें हस्तक्षेप न करने के आरोप लगे हैं।

• प्रवक्ता ने बताया, चारों संदिग्धों को राजद्रोह के एक अपराध में आरोपी बनाया गया है, जो अधिकारियों को उनकी ड्यूटी से जबरन रोकने के लिए जनसमूह और उनके द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन से संबंधित है। स्पेन की दंड संहिता के अंतर्गत अगर किसी प्राधिकरण के सदस्य द्वारा किया गया है तो राजद्रोह के अपराध में 15 साल तक की सजा हो सकती है।

• कैटेलोनिया की प्रांतीय पुलिस पर स्वतंत्रता की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में असफल होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। न्यायिक जांच का आदेश देने वाले न्यायाधीश कार्मेल लामेला ने कैटेलोनिया की स्वतंत्रता के पक्ष में अभियान चला रहे दो समूहों के नेताओं को भी सम्मन भेजा है।
8. इलाहाबाद में कछुआ अभयारण्य व नदी जैव विविधता पार्क बनेगा
• केंद्र सरकार ने इलाहाबाद में एक कछुआ अभयारण्य और त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती का मिलन स्थान) पर रिवर बायोडायवर्सिटी (नदी जैव विविधता) पार्क की स्थापना को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) द्वारा स्वीकृत इस परियोजना की सौ फीसद फंडिंग केंद्र सरकार करेगी।

• एक सरकारी बयान में कहा गया है कि परियोजना में एक कछुआ पालन केंद्र का निर्माण भी किया जाना है। इसमें त्रिवेणी पुष्प पर स्थायी नर्सरी और अस्थायी वार्षिक पालन केंद्र बनाया जाएगा। 1बयान के अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1.34 करोड़ रुपये है। 

• परियोजना के जरिये आगंतुकों को गंगा नदी के महत्व तथा इसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरुकता लाने पर भी जोर दिया जाएगा। जैव विव
िधता पार्क से लोगों को पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में मदद मिलेगी। लोगों को उनकी जिम्मेदारियों और भूमिकाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। 1गंगा नदी में घड़ियाल, डालफिन तथा कछुए सहित 2,000 से अधिक जलीय प्रजातियां हैं। 

• गंगा नदी की यह समृद्ध जैव विविधता देश की 40 फीसद आबादी की जीवन रेखा है। 1बयान में कहा गया है कि इलाहाबाद में गंगा और यमुना में विलुप्त हो रही कछुओं की प्रजातियां रखी जाएंगी। ताकि उन्हें विलुप्त होने से बचाया जा सके। 

• अभी जिन दुर्लभ कछुओं की प्रजातियों को शामिल किया गया है उनमें बतागुर कछुआ, बतागुर धोनगोका, निल्सोनिया गैंगेटिका, चित्र इंडिका, हरदेला टूरजी व अन्य हैं। साथ ही गंगा और यमुना में गांगेय डालफिन, घड़ियाल भी होंगे।
9. रजनीश कुमार नियुक्त हुए एसबीआइ के नए चेयरमैन
• रजनीश कुमार को देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान चेयरमैन अरुंधती भट्टाचार्य की जगह लेंगे। 

• 2013 में एसबीआइ की पहली महिला चेयरमैन बनीं भट्टाचार्य का कार्यकाल पिछले साल अक्टूबर में एक साल के लिए बढ़ाया गया था। विस्तारित कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो जाएगा।1कुमार इस समय एसबीआइ के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। बतौर चेरयमैन उन्हें फंसे कर्ज (एनपीए) की चुनौती विरासत में मिलेगी। 

• केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक मंत्रिमंडल की नियुक्ति संबंधी समिति ने सात अक्टूबर से या कार्यभार संभालने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए रजनीश कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दी है। 

• 59 वर्षीय कुमार 26 मई 2015 को एसबीआइ बोर्ड से जुड़े थे। इस नियुक्ति से पहले वह कंप्लायंस एंड रिस्क विभाग के मैनेजिंग डायरेक्टर और एसबीआइ कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड के सीईओ व मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर थे। कुमार ने प्रोजेक्ट फाइनेंस और लीजिंग स्ट्रैटजिक बिजनेस यूनिट के चीफ जनरल मैनेजर के रूप में भी काम किया है। 

• इसके अलावा उन्होंने कनाडा और ब्रिटेन में दो अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट समेत विभिन्न व्यापारिक असाइनमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

• उल्लेखनीय है कि बड़ी संख्या में बैंकों को एनपीए से जुड़े मामलों का सामना करना पड़ रहा है। वित्त मंत्रलय के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2017 के अंत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सकल एनपीए बढ़कर 6.41 लाख करोड़ रुपये हो गया है जो एक साल पहले 5.02 लाख करोड रूपए था।

Updated: October 5, 2017 — 9:55 am
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